Rajasthan OMR Scam क्या है जानिए कैसे खाली OMR शीट भरकर लाखों की नौकरी बेची गई। SOG की रिपोर्ट और EO/RO, SI,और अन्य भर्ती घोटाले का पूरा सच यहाँ पढ़ें।

राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं के दौरान ओएमआर शीट से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है। यह घोटाला राजस्थान की भर्ती परीक्षाओं में ओएमआर शीट के साथ हुआ है, जिसमें कई अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है। मामले की सच्चाई। ओएमआर शीट घोटाले की जांच में पता चला है कि कई भर्ती परीक्षाओं में धांधली हुई थी। यह धांधली ईओ/आरओ, एसआई और अन्य परीक्षाओं में हुई थी। एसओजी की रिपोर्ट में ओएमआर शीट बदलने के पूरे मामले का खुलासा हुआ है सरकारी नौकरी पाने का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए पिछले कुछ साल बेहद निराशाजनक रहे हैं। पेपर लीक के बाद अब ओएमआर शीट घोटाला ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। राजस्थान लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं में ओएमआर शीट खाली छोड़ने और बाद में उन्हें भरने या बदलने के मामलों ने सिस्टम की पोल खोल दी है।
क्या है राजस्थान OMR घोटाला :-
यह एक ऐसा फर्जीवाड़ा है जिसमें परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी अपनी उत्तर पुस्तिका को जानबूझकर खाली छोड़ देते थे या उसमें बहुत कम प्रश्न हल करते थे। बाद में, ‘सेटिंग’ के जरिए परीक्षा केंद्र के बाहर या सुरक्षित कमरे में इन खाली उत्तर पुस्तिकाओं को भर दिया जाता था, या फिर स्कैनिंग के दौरान डिजिटल डेटा में हेरफेर कर दिया जाता था।
यह घोटाला इतनी चालाकी से किया गया था कि कई मेहनती छात्रों को यह तक पता नहीं चला कि उनकी सीट किसी और ने खरीद ली है।
घोटाले के मुख्य तरीके :-
जांच एजेंसियों के अनुसार, जिन्हें विशेष संचालन समूह या एसओजी कहा जाता है, नकल माफिया ने मुख्य रूप से तीन तरीकों का इस्तेमाल किया है:
खाली ओएमआर शीट छोड़ने का तरीका: अभ्यर्थी को स्पष्ट निर्देश दिया जाता था कि वह परीक्षा पत्र में कोई उत्तर न भरे। इसके बाद, भ्रष्ट अधिकारियों की साजिश के तहत उन खाली गोलों को सही उत्तरों से भर दिया जाता था, जिससे अभ्यर्थी को अनुचित लाभ मिल सके।
OMR शीट बदलना: कुछ मामलों में असली OMR शीट को नष्ट करके उसकी जगह नई और सही भरी हुई शीट लगा दी गई।
डिजिटल स्कैनिंग में छेड़छाड़: हाल ही में (जनवरी 2026) हुए खुलासे में पता चला कि स्कैनिंग करने वाली प्राइवेट फर्म ने OMR स्कैन करते समय मार्क्स को सॉफ्टवेयर के जरिए बढ़ा दिया। यानी शीट पर नंबर कम थे, लेकिन रिजल्ट में उन्हें मेरिट में लाया गया |
SOG का बड़ा खुलासा :-

जनवरी 2026 में, राजस्थान पुलिस की विशेष कार्य बल इकाई ने एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह खेल पिछले कई वर्षों से जारी था।
विशेष ऑपरेशन ग्रुप ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के कुछ तत्कालीन तकनीकी अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही, ओएमआर स्कैन करने वाली एक दिल्ली स्थित प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी भी पकड़े गए हैं।
हैरान करने वाले सबूत: जांच में पता चला कि कुछ अभ्यर्थियों के नंबर वास्तव में 2 या 10 थे, लेकिन सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ करके उनके नंबर को 225 अंक तक बढ़ा दिया गया।
उत्तर प्रदेश में एक अजीब मामला सामने आया है। जिस कंपनी को स्कैनिंग का काम सौंपा गया था, वह पहले से ही उत्तर प्रदेश में अविश्वसनीय घोषित की जा चुकी थी। इसके बावजूद, उसे राजस्थान में यह महत्वपूर्ण काम दे दिया गया। यह घटना कई सवाल खड़े करती है कि आखिर क्यों ऐसी कंपनी को इतना महत्वपूर्ण ठेका दिया गया, जबकि उसका पिछला रिकॉर्ड उत्तर प्रदेश में अच्छा नहीं था।
किन-किन भर्तियो में हुई धांधली :-
हालांकि जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अब तक जिन परीक्षाओं में ओएमआर गड़बड़ी की सबसे ज्यादा शिकायतें और सबूत मिले हैं, वे निम्नलिखित हैं:

1. EO/RO भर्ती परीक्षा (EO/RO Recruitment Exam)
राजस्व अधिकारी (Revenue Officer) और अधिशाषी अधिकारी (Executive Officer) की भर्ती में कट-ऑफ (Cut-off) इतनी अधिक गई कि सभी हैरान रह गए। जांच में सामने आया कि कई चयनित अभ्यर्थियों ने अपनी OMR शीट खाली छोड़ी थी। SOG ने इस मामले में कई गिरफ्तारियां भी की हैं।
2. सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा 2021
राजस्थान के इतिहास में यह एक बहुत ही विवादित मामला बन गया है। जब मीडिया ने टॉपर अभ्यर्थियों से सवाल पूछे, तो वे राजस्थान के जिलों के नाम बताने में भी असमर्थ रहे। जांच के दौरान यह पता चला कि न केवल डमी उम्मीदवारों को बैठाया गया था, बल्कि ओएमआर शीट में भी बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया था। इस मामले में कई पुलिस अधिकारी अब जेल में हैं।
3. महिला सुपरवाइजर और अन्य (2018-2019)
हाल ही में एसओजी ने 2018-19 की परीक्षाओं, जिनमें कृषि पर्यवेक्षक और लैब असिस्टेंट की परीक्षाएं शामिल थीं, की पुरानी फाइलों को फिर से खोला है। जांच में यह बात सामने आई है कि स्कैनिंग कंपनी ने परीक्षा के डेटा में हेरफेर किया था, जिससे अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरी मिल गई।
छात्रो पर इसका प्रभाव :-

Rajasthan OMR Scam
राजस्थान के युवाओं पर इस घोटाले का बहुत बुरा असर पड़ा है। यह न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर रहा है, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव डाल रहा है। युवाओं को निराशा और हताशा की भावना से जूझना पड़ रहा है, जो उनके भविष्य के प्रति उनके विश्वास को कमजोर कर रही है। इस घोटाले ने राजस्थान के युवाओं की आशाओं और सपनों को तोड़ दिया है, और अब उन्हें अपने भविष्य के बारे में अनिश्चितता और चिंता का सामना करना पड़ रहा है।
मेरिट का मजाक यह है कि जो छात्र दिन-रात लाइब्रेरी में बारह से चौदह घंटे पढ़ाई करते हैं, वे अक्सर एक या दो नंबर से पीछे रह जाते हैं। इसके विपरीत, पैसे देने वाले अयोग्य लोग अक्सर टॉप कर जाते हैं। यह स्थिति वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है और शिक्षा प्रणाली में गंभीर समस्याओं को उजागर करती है। जहां मेहनत और प्रतिभा को महत्व देने की जगह, पैसे की ताकत अधिक महत्व रखी जा रही है। यह न केवल छात्रों के लिए निराशाजनक है, बल्कि समाज के लिए भी हानिकारक है क्योंकि यह योग्य और मेहनती छात्रों को उनके हक से वंचित कर देता है।

Student Protest Rajasthan Examनिष्कर्ष :-
राजस्थान का ओएमआर शीट घोटाला न केवल एक गंभीर अपराध है, बल्कि यह उन लाखों गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के सपनों को तोड़ने जैसा है जो सरकारी नौकरी को अपने जीवन का आधार मानते हैं। हाल ही में एसओजी की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह समस्या का पूरी तरह से समाधान नहीं है।
हमें अपने जीवन में कुछ बदलाव करने होंगे। यह बदलाव हमारे विचारों में, हमारे व्यवहार में, और हमारे दैनिक जीवन में हो सकते हैं। हमें यह पहचानना होगा कि हमारी ज़रूरतें क्या हैं और फिर उन्हें पूरा करने के लिए काम करना होगा। यह एक आसान काम नहीं होगा, लेकिन यह ज़रूरी है कि हम अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रयास करें।
OMR शीट की कार्बन कॉपी और ओरिजिनल कॉपी का मिलान अनिवार्य हो।
जब तक सिस्टम में बैठे भ्रष्ट अधिकारी बाहर नहीं निकाले जाएंगे, तब तक मेहनत करने वाले युवाओं को न्याय मिलना मुश्किल है।
Disclaimer:-
यह आर्टिकल न्यूज़ रिपोर्ट्स और उपलब्ध जानकारी के आधार पर लिखा गया है। किसी भी कानूनी कार्यवाही या आधिकारिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित आयोग (RPSC/RSSB) की वेबसाइट देखें।